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रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª रकà¥à¤¤à¤µà¤¾à¤¹à¤¿à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में बहते रकà¥à¤¤ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ वाहिनियों की दीवारों पर दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ डाले गये दबाव को कहते हैं। धमनियां वह नलिका है जो पंप करने वाले हृदय से रकà¥à¤¤ को शरीर के सà¤à¥€ ऊतकों और इंदà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ तक ले जाते हैं। हृदय, रकà¥à¤¤ को धमनियों में पंप करके धमनियों में रकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ को विनियमित करता है और इसपर लगने वाले दबाव को ही रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª कहते हैं। किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª, सिसà¥à¤Ÿà¥‹à¤²à¤¿à¤•/डायासà¥à¤Ÿà¥‹à¤²à¤¿à¤• रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª के रूप में अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ किया जाता है। जैसे कि १२०/८० सिसà¥à¤Ÿà¥‹à¤²à¤¿à¤• अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤ ऊपर की संखà¥à¤¯à¤¾ धमनियों में दाब को दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¥€ है। इसमें हृदय की मांसपेशियां संकà¥à¤šà¤¿à¤¤ होकर धमनियों में रकà¥à¤¤ को पंप करती हैं। डायालोसà¥à¤Ÿà¤¿à¤• रकà¥à¤¤ चाप अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤ नीचे वाली संखà¥à¤¯à¤¾ धमनियों में उस दाब को दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¥€ है जब संकà¥à¤šà¤¨ के बाद हृदय की मांसपेशियां शिथिल हो जाती है। रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª हमेशा उस समय अधिक होता है जब हृदय पंप कर रहा होता है बनिसà¥à¤¬à¤¤ जब वह शिथिल होता है। à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ वयसà¥à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का सिसà¥à¤Ÿà¥‹à¤²à¤¿à¤• रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª पारा के 90 और १२० मिलिमीटर के बीच होता है। सामानà¥à¤¯ डायालोसà¥à¤Ÿà¤¿à¤• रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª पारा के ६० से ८० मि.मि. के बीच होता है।[1] वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ दिशा-निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹à¤‚ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° सामानà¥à¤¯ रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª १२०/८० होना चाहिà¤à¥¤ रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª को मापने वाले यंतà¥à¤° को रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ªà¤®à¤¾à¤ªà¥€ या सà¥à¤«à¤¾à¤‡à¤—नोमैनोमीटर कहते हैं।
इतिहास
रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª
रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª की खोज à¤à¤µà¤‚ माप के विकास के इतिहास के कà¥à¤› महतà¥à¤¤à¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ चरण इस पà¥à¤°à¤•ार से हैं[2]:
१à¥à¥©à¥© - सà¥à¤Ÿà¥€à¤«à¥‡à¤¨ हेलà¥à¤¸ ने पहली बार रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª घोड़ों में नापा।
१८८६ - रिवा-रोकी ने नà¥à¤¯à¥‚मेटिक-कॉफ का अविषà¥à¤•ार किया।
१८९६ - कà¥à¤²à¤¿à¤«à¥‹à¤°à¥à¤¡ à¤à¤¬à¤Ÿ ने रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª में गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की à¤à¥‚मिका का जायजा लिया।
१९०५ - रà¥à¤¸ के कोरोटकोफ ने उस आवाज का वरà¥à¤£à¤¨ किया, जिसे रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª के नापने में सà¥à¤¨à¤¤à¥‡ हैं।
१९०४ - à¤à¤®à¤¬à¥‰à¤¡ ने कà¥à¤²à¥‹à¤°à¤¾à¤‡à¤¡ आयन की à¤à¥‚मिका के बारे में बताया।
१९६३ - लॉराग ने रेनिन की à¤à¥‚मिका बताई।
१९à¥à¥© - अमेरिका में नेशनल हाई बलà¥à¤¡-पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° à¤à¤¡à¥à¤•ेशन पà¥à¤°à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤® ने सà¥à¤Ÿà¥‡à¤ªà¤¡ केयर चिकितà¥à¤¸à¤¾ को शà¥à¤°à¥ किया, यह जे.à¤à¤¨.सी (जà¥à¤µà¤¾à¤ˆà¤‚ट नेशनल कमिटी) का शà¥à¤°à¥à¤µà¤¾à¤¤à¥€ दौर था।
१९८० - वॉडनर ने सोडियम आयन की à¤à¥‚मिका सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ की और इसका संबंध रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª से जोड़ा।
१९८३ - कापलन ने रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª को परिà¤à¤¾à¤·à¤¿à¤¤ किया।
१९८८ - जे.à¤à¤¨.सी (४) जारी हà¥à¤†à¥¤ पूरी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में यह रिपोरà¥à¤Ÿ रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª के लिठआथिरीटी मानी गयी।
१९९३ - जे.à¤à¤¨.सी (५) जारी हà¥à¤†à¥¤
१९९ॠ- जे.à¤à¤¨.सी (६) जारी हà¥à¤†à¥¤
२००३ - जे.à¤à¤¨.सी (à¥) जारी हà¥à¤†à¥¤
निमà¥à¤¨ रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª
मà¥à¤–à¥à¤¯ लेख: निमà¥à¤¨ रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª
डिजिटल रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ªà¤®à¤¾à¤ªà¥€
निमà¥à¤¨ रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª (हाइपोटेंशन) वह दाब है जिससे धमनियों और नसों में रकà¥à¤¤ का पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ कम होने के लकà¥à¤·à¤£ या संकेत दिखाई देते हैं। जब रकà¥à¤¤ का पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ कफी कम होता हो तो मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤•, हृदय तथा गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ जैसे महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ इंदà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ और पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• पदारà¥à¤¥ नहीं पहà¥à¤‚च पाते जिससे ये इंदà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ सामानà¥à¤¯ रूप से काम नहीं कर पाती और इससे यह सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ रूप से कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हो सकती है। उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª के विपरीत, निमà¥à¤¨ रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª की पहचान मूलतः लकà¥à¤·à¤£ और संकेत से होती है, न कि विशिषà¥à¤Ÿ दाब संखà¥à¤¯à¤¾ के। किसी-किसी का रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª ९०/५० होता है लेकिन उसमें निमà¥à¤¨ रकà¥à¤¤ चाप के कोई लकà¥à¤·à¤£ दिखाई नहीं पड़ते हैं और इसलिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ निमà¥à¤¨ रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª नहीं होता तथापि à¤à¤¸à¥‡ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में जिनका रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª उचà¥à¤š है और उनका रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª यदि १००/६० तक गिर जाता है तो उनमें निमà¥à¤¨ रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª के लकà¥à¤·à¤£ दिखाई देने लगते हैं।
यदि किसी को निमà¥à¤¨ रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª के कारण चकà¥à¤•र आता हो या मितली आती हो या खड़े होने पर बेहोश होकर गिर पड़ता हो तो उसे आरà¥à¤¥à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª कहते हैं। खड़े होने पर निमà¥à¤¨ दाब के कारण होने वाले पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ को सामानà¥à¤¯ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ शीघà¥à¤° ही काबू में कर लेता है। लेकिन जब परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª के कारण चकà¥à¤°à¥€à¤¯ धमनी में रकà¥à¤¤ की आपूरà¥à¤¤à¤¿ नहीं होती है तो वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को सीने में दरà¥à¤¦ हो सकता है या दिल का दौरा पड़ सकता है। जब गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‹à¤‚ में अपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में खून की आपूरà¥à¤¤à¤¿ होती है तो गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ शरीर से यूरिया और कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¨ जैसे अपशिषà¥à¤Ÿà¥‹à¤‚ को निकाल नहीं पाते जिससे रकà¥à¤¤ में इनकी मातà¥à¤°à¤¾ अधिक हो जाती है।
सà¥à¤Ÿà¥‡à¤¥à¥‹à¤¸à¥à¤•ोप सहित à¤à¤• अà¤à¤¨à¥‡à¤°à¥‰à¤¯à¤¡ सà¥à¤«à¤¾à¤‡à¤—नोमैनोमीटर
चकà¥à¤°à¥€à¤¯ धमनी
कोरोनरी आरà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥€ यानि वह धमनी जो हृदय के मांस पेशियों को रकà¥à¤¤ की आपूरà¥à¤¤à¤¿ करती है।
आघात
यह à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है जिससे जीवन को खतरा हो सकता है। निमà¥à¤¨ रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡, हृदय, फेफड़े तथा मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• तेजी से खराब होने लगते हैं।
उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª
मà¥à¤–à¥à¤¯ लेख: उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª
१३०/८० से ऊपर का रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª, उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª या हाइपरटेंशन कहलाता है। इसका अरà¥à¤¥ है कि धमनियों में उचà¥à¤š चाप (तनाव) है। उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª का अरà¥à¤¥ यह नहीं है कि अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• तनाव हो। à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• तनाव व दबाव असà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ तौर पर रकà¥à¤¤ के दाब को बढ़ा देते हैं। सामानà¥à¤¯à¤¤à¤ƒ रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª १२०/८० से कम होनी चाहिठऔर १२०/८० तथा १३९/८९ के बीच का रकà¥à¤¤ का दबाव पूरà¥à¤µ उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª (पà¥à¤°à¥€ हाइपरटेंशन) कहलाता है और १४०/९० या उससे अधिक का रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª उचà¥à¤š समà¤à¤¾ जाता है। उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª से हृदय रोग, गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की बीमारी, धमनियों का सखà¥à¤¤ हो जाने, आंखे खराब होने और मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• खराब होने का जोखिम बढ़ जाता है। है। यà¥à¤µà¤¾à¤“ं में बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ का मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण उनकी अनियमित जीवन शैली और गलत खान-पान होते हैं।[3] यदि चकà¥à¤•र आयें, सिर दरà¥à¤¦ हो, साà¤à¤¸ में तक़लीफ़ हो, नींद न आà¤, शीथीलता रहे, कम मेहनत करने पर सांस फूले और नाक से खून गिरे इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ तो चिकितà¥à¤¸à¤• से जांच करायें, संà¤à¤µ है ये उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª के कारण हो।[3] उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤¤à¤šà¤¾à¤ª के कारणों में:
चिंता, कà¥à¤°à¥‹à¤§, ईरà¥à¤·à¥à¤¯à¤¾, à¤à¤¯ आदि मानसिक विकार
कई बार, बार-बार या आवशà¥à¤¯à¤•ता से अधिक खाना।
मैदा से बने खादà¥à¤¯, चीनी, मसाले, तेल-घी अचार, मिठाईयां, मांस, चाय, सिगरेट व शराब आदि का सेवन।
नियमित खाने में रेशे, कचà¥à¤šà¥‡ फल और सलाद आदि का अà¤à¤¾à¤µà¥¤
शà¥à¤°à¤®à¤¹à¥€à¤¨ जीवन, वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® का अà¤à¤¾à¤µà¥¤
पेट और पेशाब संबंधी पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ बीमारी।
उचà¥à¤š रकà¥à¤¤ चाप का निदान महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है जिससे रकà¥à¤¤ चाप को सामानà¥à¤¯ करके जटिलताओं को रोकने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ संà¤à¤µ हो। फारà¥à¤®à¥ˆà¤•ोॉजी विà¤à¤¾à¤—, कोलोन विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯, जरà¥à¤®à¤¨à¥€ में हà¥à¤ˆ à¤à¤• शोध के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° चॉकलेट खाने और काली व हरी चाय पीने से रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª नियंतà¥à¤°à¤£ में रहता है।[4][5] कनाडा के शोधकरà¥à¤¤à¥à¤¤à¤¾ रॉस डी.फेलà¥à¤¡à¤®à¥ˆà¤¨ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª के रोगियों की विशेष देखà¤à¤¾à¤² और जांच की जरूरत होती है, इससे दिल के दौरे की आशंका à¤à¤•-चथाई कम हो सकती है वहीं मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤•ाघात की à¤à¥€ समà¥à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ ४० पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ कम हो सकती है।[6]
वरà¥à¤—ीकरण
जे à¤à¤¨ सी, सात-२००३ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª का निमà¥à¤¨ वरà¥à¤—ीकरण, १८ वरà¥à¤· से अधिक वयसà¥à¤•ों हेतॠबताया जाता है।[2] यह कारà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में बैठे हà¥à¤ लोगों की सही तरीके से ली गयी रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª रीडिंगà¥à¤¸ पर आधारित औसत है।[7][8]
वà¥à¤¯à¤¸à¥à¤•ों हेतॠरकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª वरà¥à¤—ीकरण शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ सिसà¥à¤Ÿà¥‹à¤²à¤¿à¤•, मिली मरà¥à¤•री डायसà¥à¤Ÿà¥‹à¤²à¤¿à¤•, mmHg
हायपोटेंशन
< ९०
< ६०
सामानà¥à¤¯
९० – ११९
६० – à¥à¥¯
पà¥à¤°à¥€à¤¹à¤¾à¤¯à¤ªà¤°à¤Ÿà¥‡à¤‚शन
१२० – १३९
८० – ८९
सà¥à¤¤à¤° १ हाइपरटेंशन
१४० – १५९
९० – ९९
सà¥à¤¤à¤° २ हाइपरटेंशन
≥ १६०
≥ १००
जांच के नियम
चिकितà¥à¤¸à¤• के पास जांच हेतॠपहà¥à¤‚चने के बाद कम-से-कम पांच मिनट के लिठआराम करने के बाद ही अपना रकà¥à¤¤à¤¦à¤¾à¤¬ दिखाà¤à¤‚। लंबा चलने के बाद, सीढ़ियां चढ़ने, दौड़ने-à¤à¤¾à¤—ने के तà¥à¤°à¤‚त बाद जांच कराने पर रकà¥à¤¤à¤¦à¤¾à¤¬ बढ़ा हà¥à¤† आता है। यह धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिये कि जांच के समय कà¥à¤°à¥à¤¸à¥€ पर आराम से बैठें हों व पैर जमीन पर रखें हों, तथा बांह और रकà¥à¤¤à¤¦à¤¾à¤¬ मापक-यंतà¥à¤° हृदय जितनी ऊंचाई पर होना चाहिà¤à¥¤[9]
जांच के आधा घंटा पहले से चाय, कॉफी, कोला डà¥à¤°à¤¿à¤‚क और धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ नहीं पीना चाहिये। इनके सेवन से रकà¥à¤¤à¤¦à¤¾à¤¬ अगले १५ से २० मिनट के लिठबढ़ जाता है। रकà¥à¤¤à¤¦à¤¾à¤¬ मापक-यंतà¥à¤° के बांह पर बांधे जानेवाले कफ की चौड़ाई बांह की मोटाई के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° होनी चाहिà¤à¥¤ कफ इतना चौड़ा हो कि बांह का लगà¤à¤— तीन-चौथाई घेरा उसमें आ जाà¤à¥¤ बांह मोटी होने पर साधारण कफ से रकà¥à¤¤à¤¦à¤¾à¤¬ लेने पर बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की रीडिंग बढ़ी हà¥à¤ˆ होगी। यदि बांह पतली और कफ बड़ा है तो ठीक उलट होगा, रकà¥à¤¤à¤¦à¤¾à¤¬ कम नपेगा। रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª मापने के लिठहमेशा जांचा-परखा यंतà¥à¤° ही पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— में लाà¤à¤‚।[9]
किससे और कैसे नपवाà¤à¤‚
à¤à¤• डॉकà¥à¤Ÿà¤° का वà¥à¤¹à¤¾à¤‡à¤Ÿ कोट
कई बार रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª दो जगह नापा जाà¤à¤‚ तो अंतर मिलता है, यहां तक कि नरà¥à¤¸ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ नापा गया तो कम आता है और डाकà¥à¤Ÿà¤° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ नापा गया अधिक। कई बार कारà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª नापा जाठतो अधिक आता है और घर में कम, इसे हà¥à¤µà¤¾à¤ˆà¤Ÿ कोट हाईपरटेंशन कहते हैं। इस तरह के बढ़े रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª का उपचार करने की अतà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¶à¥à¤¯à¤•ता नहीं होती है। यदि रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª मापक यंतà¥à¤° (सà¥à¤«à¥€à¤—मोमैनोमीटर) के बाà¤à¤¹ में लगाने वाले कफ की चौड़ाई कम हो, उसे धीरे-धीरे या बहà¥à¤¤ तेजी से फà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤¾ जाठतो रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª अधिक आà¤à¤—ा। बाà¤à¤¹ में बाà¤à¤§à¥€ गयी पटà¥à¤Ÿà¥€ को हॄदय के सà¥à¤¤à¤° पर न रखा जाठतो रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª गलत आयेगा। इस तरह के कई और à¤à¥€ कारण हो सकतें है जिनका यदि विशेष धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ न रखा जाये तो रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª गलत आà¤à¤—ा। मरकरी के जो मापक-यंतà¥à¤° हैं वे इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¨à¤¿à¤• यंतà¥à¤°à¥‹à¤‚ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सही रीडिंग देते हैं। इन सब कारकों के चलते यह आवशà¥à¤¯à¤• है कि यदि à¤à¤• बार रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª बढ़ा हà¥à¤† आता है तो तà¥à¤°à¤‚त दवा शà¥à¤°à¥ न की जाà¤à¥¤ कम से कम तीन बार कà¥à¤› दिनों के अंतराल पर रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª नापा जाà¤à¥¤ यदि कई रीडिंग का औसत बढ़ा हो तो ही चिकितà¥à¤¸à¤¾ शà¥à¤°à¥ होनी चाहिà¤à¥¤ यदि रोगी à¤à¤¾à¤°à¥€ चिनà¥à¤¤à¤¾ में हों तो थोड़ी देर के लिठरकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª बढ़ जाà¤à¤—ा। परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® के बाद à¤à¥€ रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª बढ़ा मिलेगा। यह à¤à¤• सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है और इसका उपचार नहीं किया जाता। जहाठदà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ हो, वहां नयी तकनीक à¤à¤®à¥à¤¬à¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° मानिटरिंग दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सही सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का जायजा लिया जाता है।[2]
कà¥à¤› बढ़ने पर
कà¤à¥€ रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª थोड़ा बढ़ा हो, जैसे (१४६/९६) तो तà¥à¤°à¤‚त दवा लेनी नहीं चाहिये। इससे पूरà¥à¤µ कà¥à¤› समय तक अपनी जीवन-शैली में बदलाव लाने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करना चाहिये। इसका असर ३ महीने में दिखाई देगा। इसके लिये पà¥à¤°à¤¥à¤® तो à¤à¥‹à¤œà¤¨ में सोडियम की मातà¥à¤°à¤¾ कम करनी चाहिये, सामानà¥à¤¯à¤¤à¤ƒ १० गà¥à¤°à¤¾à¤® नमक लोग à¤à¤• दिन में खाते हैं। इसे कम करके ३ गà¥à¤°à¤¾à¤® तक लाना चाहिये। नमकीन चीजें जैसे दालमोठ, अचार, पापड़ का पूरà¥à¤£à¤¤à¤ƒ परहेज करें। शरीर में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सोडियम होने से पानी का जमाव होता है जिससे रकà¥à¤¤ का आयतन बढ़ जाता है जिसके कारण रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª बढ़ जाता है। à¤à¥‹à¤œà¤¨ में पोटाशियम यà¥à¤•à¥à¤¤ चीजें बढ़ाà¤à¤‚, जैसे ताजे फल, डाब का पानी आदि। डिबà¥à¤¬à¥‡ में बंद सामागà¥à¤°à¥€ का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— बंद कर दें। à¤à¥‹à¤œà¤¨ में कैलशियम (जैसे दूध में) और मैगनिशियम की मातà¥à¤°à¤¾ संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ करनी चाहिये। रेशेयà¥à¤•à¥à¤¤ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को खूब खायें, जैसे फलों के छिलके, साग/चोकर यà¥à¤•à¥à¤¤ आटा/इसबगोल आदि। संतृपà¥à¤¤ वसा (मांस/वनसà¥à¤ªà¤¤à¤¿ घी) की मातà¥à¤°à¤¾ कम करनी चाहिये।
इसके साथ ही नियमित वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करना चाहिये। खूब तेज लगातार ३० मिनट पैदल चलना सरà¥à¤µà¥‹à¤‚तà¥à¤¤à¤® वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® है। योग/धà¥à¤¯à¤¾à¤¨/पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® रोज करना चाहिये। यदि धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ करते हों तो पूरा बंद कर दें, वजन संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ करनी चाहिये और मदिरापान करते हों तो à¤à¤• पैग से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ न पीयें।
अनà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का रकà¥à¤¤à¤¦à¤¾à¤¬
अनà¥à¤¯ गैर-मानव सà¥à¤¤à¤¾à¤§à¤¾à¤°à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª मानव के रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª जैसा ही है। किनà¥à¤¤à¥ उनके हृदय की धड़कन की गति मानव के हृदय गति से बहà¥à¤¤ अलग हो सकती है (बड़े पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की हृदयगति अपेकà¥à¤·à¤¾à¤•à¥à¤°à¥à¤¤ धीमी होती है।).[10] मनà¥à¤·à¥à¤¯ की ही तरह अनà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª आयà¥, लिंग, दिन के पहर, और सà¥à¤¥à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° बालग-अलग होता है। [11][12] चूहों, कà¥à¤¤à¥à¤¤à¥‹à¤‚ और खरगोश पर अनेकानेक पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करके उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª के कारणों को जानने का पà¥à¤°à¤¯à¤¤à¥à¤¨ किया गया है।[13]
विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ सà¥à¤¤à¤¨à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª और हृदयगति ( [11] से परिवरà¥à¤¤à¤¿à¤¤) पà¥à¤°à¤œà¤¾à¤¤à¤¿ रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª
पà¥à¤°à¤œà¤¾à¤¤à¤¿ रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ªmm Hg में हृदय की धड़कनपà¥à¤°à¤¤à¤¿ मिनट
Systolic Diastolic
बछड़े 140 70 75–146
बिलà¥à¤²à¥€ 155 68 100–259
कà¥à¤¤à¥à¤¤à¥‡ 161 51 62–170
बकरी 140 90 80–120
गिनिया-सूअर 140 90 240–300
Mice 120 75 580–680
सूअर 169 55 74–116
खरगोश 118 67 205–306
चूहे 153 51 305–500
Rhesus बनà¥à¤¦à¤° 160 125 180–210
à¤à¥‡à¤¡à¤¼ 140 80 63–210
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